Religious
विवाह के कार्ड पे लडके के नाम के आगे-चिरंजीव तथा लडकी के नाम-के आगे आयुष्मति क्यों लिखा जाता है ?
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Thursday, 14 June 2018 02:25 PM
Yogesh
विवाह के कार्ड पे लडके के नाम के आगे-चिरंजीव तथा लडकी के नाम-के आगे आयुष्मति क्यों लिखा जाता है ? चिरंजीव 〰🌼〰 एक ब्राह्मण के कोई संतान नही थी, उसने महामाया की तपस्या की, माता जी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्राह्मण से बरदान माँगने को कहा:– ब्राह्मण ने बरदान में पुत्र माँगा। माता ने कहा :– मेरे पास दो तरह के पुत्र हैं । पहला दस हजार वर्ष जिएेगा लेकिन महा मूर्ख होगा । दूसरा, पन्द्रह वर्ष (अल्पायु ) जिऐगा लेकिन महा विद्वान होगा । किस तरह का पुत्र चहिए । ब्राह्मण बोला माता मुझे दूसरा वाला पुत्र दे...Read More
महाशिवरात्रि 2018 यहां जानें भगवान शिव की आराधना का शुभ समय
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Tuesday, 13 February 2018 10:00 AM
KETAN
महाशिवरात्रि हिंदुओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है, हिंदू कैलेंडर के फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन रुद्राभिषेक का महत्व माना जाता है और इस दिन भगवान शिव के पूजन से सभी रोग और शारीरिक दोष समाप्त हो जाते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार ये पर्व जनवरी या फरवरी के माह में आता है, इस वर्ष 14 फरवरी 2018 को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में शिव भक्तों द्वारा उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा था कि आ...Read More
अतुलनीय~सत्य
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Wednesday, 03 May 2017 04:59 PM
KETAN
यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन में टी.टी.ई. को एक पुराना फटा सा पर्स मिला। उसने पर्स को खोलकर यह पता लगाने की कोशिश की कि वह किसका है। लेकिन पर्स में ऐसा कुछ नहीं था जिससे कोई सुराग मिल सके। पर्स में कुछ पैसे और भगवान श्रीकृष्ण की फोटो थी। फिर उस टी.टी.ई. ने हवा में पर्स हिलाते हुए पूछा -"यह किसका पर्स है?" एक बूढ़ा यात्री बोला -"यह मेरा पर्स है। इसे कृपया मुझे दे दें।"टी.टी.ई. ने कहा -"तुम्हें यह साबित करना होगा कि यह पर्स तुम्हारा ही है। केवल तभी मैं यह पर्स तुम्...Read More
विद्वत्ता का घमंड
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Wednesday, 24 February 2016 07:54 PM
Nitin Kumar Sharma
विद्वत्ता का घमंड
महाकवि कालिदास के कंठ में साक्षात सरस्वती का वास था. शास्त्रार्थ में उन्हें कोई पराजित नहीं कर सकता था. अपार यश, प्रतिष्ठा और सम्मान पाकर एक बार कालिदास को अपनी विद्वत्ता का घमंड हो गया
उन्हें लगा कि उन्होंने विश्व का सारा ज्ञान प्राप्त कर लिया है और अब सीखने को कुछ बाकी नहीं बचा. उनसे बड़ा ज्ञानी संसार में कोई दूसरा नहीं. एक बार पड़ोसी राज्य से शास्त्रार्थ का निमंत्रण पाकर कालिदास विक्रमादित्य से अनुमति लेकर अपने घोड़े पर रवाना हुए
गर्मी का मौसम था....Read More
हिंदू धर्म
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Friday, 01 January 2016 01:59 PM
Robin
हिन्दू धर्म का इतिहास अति प्राचीन है। इस धर्म को वेदकाल से भी पूर्व का माना जाता है, क्योंकि वैदिक काल और वेदों की रचना का काल अलग-अलग माना जाता है। यहां शताब्दियों से मौखिक परंपरा चलती रही, जिसके द्वारा इसका इतिहास व ग्रन्थ आगे बढ़ते रहे। उसके बाद इसे लिपिबद्ध करने का काल भी बहुत लंबा रहा है। हिन्दू धर्म के सर्वपूज्य ग्रन्थ हैं वेद। वेदों की रचना किसी एक काल में नहीं हुई। विद्वानों ने वेदों के रचनाकाल का आरंभ ४५०० ई.पू. से माना है। यानि यह धीरे-धीरे रचे गए और अंतत: पहले वेद को तीन भागों में संक...Read More
सर्दियों में खाएं गुड़, इसके हैं अनेक फायदे
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Saturday, 21 November 2015 11:57 AM
Yogesh Joshi
गुड़ को प्राकृतिक मिठाई के तौर पर जाना जाता है। गुड़ में कई ऐसे लाभकारी गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। गुड़ स्वाद के साथ ही सेहत का भी खजाना है। सर्दियों में गुड़ की मांग बढ़ जाती है और लोग इसे बड़े चाव के साथ खाते हैं। यहां हम आपको गुड़ के कुछ फायदे बता रहे हैं।
- गुड़ मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। गुड़ खाने से मांसपेशियों, नसों और रक्त वाहिकाओं को थकान से राहत मिलती है।
-गुड़ पोटेशियम का भी एक अच्छा स्रोत है। इससे रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखने में ...Read More
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